उन्हें शर्म नहीं आती
यह कहते हुए ;
फलानी जी लड़ रही हैं -
फलानी जी लड़ रही हैं -
पर सच क्या है
क्या वह नहीं जानती
तो सुनो कान खोलकर
सबसे पहले उन्होंने
बाबा साहब अंबेडकर के
सबसे पहले उन्होंने
बाबा साहब अंबेडकर के
रास्ते को छोड़ा,
काशीराम के रास्ते को छोड़ा
और बहुजन की बजाय
काशीराम के रास्ते को छोड़ा
और बहुजन की बजाय
सर्वजन किया ?
किस दुनिया में हो
और किस गुफा में सो रहे हो।
किस दुनिया में हो
और किस गुफा में सो रहे हो।
निकलो आँखें खोलो
वह जलालत को सह रही हैं।
आत्मविश्वास मर चुका है।
जागो बहुजन जागो।
जागो बहुजन जागो।
मोह माया त्यागो !
-डॉ लाल रत्नाकर

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