देश निर्माण की जिम्मेदारी
जब हमें दे रहे थे तब क्या सोचा था
क्या मेरी सीवी देखी थी
हमारे बारे में क्या जानते थे
फिर क्यों परेशान हो
हम जिस लिए आये थे
अपना काम कर रहे हैं
कितनी इमानदारी से
इसके जवाबदेह आप नहीं हो
जवाबदेही मेरी है
शिक्षा की बात कर रहे हो
मेरी शिक्षा तो जानते हो
दिमाग की जरूरत होती है
दिमागी नक्सल
आज तक किसी के दिमाग में
क्यों नहीं आया
यह बात नेहरू जी को
गाॅधी,पटेल,अम्बेडकर को
पता थी क्या?
विश्व के गहन भ्रमण से
ढूढ़कर लाया हूॅं
घबराईए मत,बंगाल,बिहार
तक में दिमाग लगाया हूॅं
देश ऐसे ही थोड़े हथियाया हूं
आगे आगे देखते जाईए
होता है क्या?
मेरे प्यारे देश वासियों!
होता है क्या?
मेरे प्यारे देश वासियों!
-डाॅ.लाल रत्नाकर
















