लड़कियां खूबसूरत होती हैं
लडके भी इतने बुरे नहीं होते !
पर उनकी खूबसूरती का क्या ?
जो ईर्ष्यालु और नफ़रत से लबरेज हों
सुकोमल कलियाँ नहीं कांटे हों
कांटे की तरह चुभते हों !
मन में अविश्वास और फितरत पाले हों !
सुंदरता के मतवाले हों गले में
सर्प डाले हों और जहरीले नयन !
प्रकृति के खिलाफ जहर उगल रहे हों !
आडम्बर में नग्न और निराले हों !
संसार में सुख और दुःख का माप तौल !
खुद के हानि लाभ से करते हों ?
किसी का हक़ किसी का गला,
काटने में उन्हें कोई परहेज़ न हो !
यही उनकी खूबसूरती में बाधक है।
लडके भी इतने बुरे नहीं होते !
पर उनकी खूबसूरती का क्या ?
जो ईर्ष्यालु और नफ़रत से लबरेज हों
सुकोमल कलियाँ नहीं कांटे हों
कांटे की तरह चुभते हों !
मन में अविश्वास और फितरत पाले हों !
सुंदरता के मतवाले हों गले में
सर्प डाले हों और जहरीले नयन !
प्रकृति के खिलाफ जहर उगल रहे हों !
आडम्बर में नग्न और निराले हों !
संसार में सुख और दुःख का माप तौल !
खुद के हानि लाभ से करते हों ?
किसी का हक़ किसी का गला,
काटने में उन्हें कोई परहेज़ न हो !
यही उनकी खूबसूरती में बाधक है।
-डॉ लाल रत्नाकर




















