कब-तक ! ठगेगा?
सवाल किससे करें!
जो ठग रहा है!
या उससे करें जो ठगा जा रहा?
कैसे करें?
अंधभक्ति में मरा जा रहा है।
पाखंड में ठगा जा रहा है।
बुद्ध की सुनता नहीं।
पेरियार को जानता नहीं है।
जोतिबा की बात नहीं मानता ।
कुकर्मो में जकड़ा है।
सुकर्म की बात करता है ।
अदृश्य से डरता है ।
पाखंड करता है ।
-डॉ लाल रत्नाकर

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें