रविवार, 8 मार्च 2026

सच के साथ हो या झूठ के !


सच तुम्हारा झूठ था 
झूठ तो सब झूठ था 
अंधे तुमने अंधा कर दिया 
जो पहले से ही अंधे अंधभक्त थे 
अब क्या करोगे !
कटोरा उठा लो !
यदि हाथ में दम हो ?
गम हो गम कम हो 
कैसे भूल जाऊं तुम !
धूर्त नहीं हो आज के 
पागल बनाने वाले देश को !
अब कहाँ ले जाओगे ?
इस धार्मिक देश को !
हिन्दू को ब्राह्मण बनाओ 
ब्राह्मण को शूद्र कहो !
ब्राह्मणो को छोड़कर ! 
सच के साथ हो या 
झूठ के !

-डॉ लाल रत्नाकर 

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