मंगलवार, 14 जुलाई 2026

मैं नहीं कहता उसको टिकट मत दो ।

 


मैं नहीं कहता उसको टिकट मत दो ।
मैं केवल इतना कहूँगा कि यह?
हमारे जनप्रतिनिधि के लायक़ नहीं है ।
यह पूरे क्षेत्र को बर्वाद कर रहा है ।
यह क्षेत्र विकास के रास्ते से भटक गया है ।
मगर इसमें कौन सी खूबियाँ दिखाई देती हैं ।
यह बात हमारी समझ नहीं आती ।
जिसको आप समझ रहे हैं या देख रहे हैं ।
हो सकता है आप मेरी बात न माने ।
मगर मैं यह जानता हूँ परिणाम आने पर 
शायद यह कहें की उसकी जगह 
किसी और को लड़ाया होता तो जीत जाता ?
ऐसा इसलिए होता है कि उसकी बुराईयां 
समय से नज़र नहीं आती ॥
मैं कह रहा हूं ऐसा चयन जनता को आश्वस्त नहीं करेगा ॥
जनता की हताशा बहुत खतरनाक होती है।
शायद यह भ्रम कहीं घर कर गया है।
कि यह वक्त अब भले लोगों का नहीं रहा ?

- डॉ लाल रत्नाक

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