सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

हमें नहीं पता कल क्या होगा ?


हमें नहीं पता कल क्या होगा ?
शायद आपको पता हो ?
सारे परदे हटा दिए गए हैं 
मर्यादा के, नैतिकता के, संविधान और 
लोकतंत्र के ?
तत्कालीन व्यवस्था से 
अखंड पाखण्ड में 
धकेल दिया गया है मुल्क को !
उनकी पूजा हो रही है 
जिन्होंने नैतिकता को 
चरित्र और शालीनता के 
सारे मानदंड तोड़ दिए हैं 
समाज की नज़रों में !
न्याय सांगत नहीं है 
उसका शासन उसका आचरण ?
पर आज वही पूज्य्नीय है 
क्योंकि उनके लिए ?
पर उनके लिए क्यों ?
जिनका वह नाश किया है !
नाश कर रहा है !
यही वक़्त की हकीकत है। 
शायद यही नया भारत है !

-डॉ लाल रत्नाकर 

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