कोई मर गया है क्या?
नहीं मरा नहीं है मार दिया गया है।
किसने मारा और क्यों!
यह तो मारने वाला भी नहीं जानता !
मरने वाले को जरूर पता होगा ?
यह पता कैसे चलेगा।
इस पर जांच बैठाई जा सकती है।
जांच के सदस्य जरूर पता कर लेंगे।
इतना सुंदर कारण गढ़ देंगे।
मरने वाले के परिजन डर जाएंगे।
मारने वाला और खूंखार हो जाएगा।
उसे हत्या के जुर्म से
मुक्त कर दिया गया है ।
और जगह-जगह पंडाल लगाकर।
हत्यारे को उत्साही बताकर।
सम्मानित किया जाएगा ।
उसके साहसी होने में ,
चार चांद लगाया जा रहा है ।
उसका भविष्य गर्त में,
ले जाया जा रहा है।
नये देश में नए वेश में।
आत्मनिर्भर परिवेश में।
भयमुक्त समाज में!
कैसे मर गया है?
नहीं मरा नहीं है मार दिया गया है।
किसने मारा और क्यों!
यह तो मारने वाला भी नहीं जानता !
मरने वाले को जरूर पता होगा ?
यह पता कैसे चलेगा।
इस पर जांच बैठाई जा सकती है।
जांच के सदस्य जरूर पता कर लेंगे।
इतना सुंदर कारण गढ़ देंगे।
मरने वाले के परिजन डर जाएंगे।
मारने वाला और खूंखार हो जाएगा।
उसे हत्या के जुर्म से
मुक्त कर दिया गया है ।
और जगह-जगह पंडाल लगाकर।
हत्यारे को उत्साही बताकर।
सम्मानित किया जाएगा ।
उसके साहसी होने में ,
चार चांद लगाया जा रहा है ।
उसका भविष्य गर्त में,
ले जाया जा रहा है।
नये देश में नए वेश में।
आत्मनिर्भर परिवेश में।
भयमुक्त समाज में!
कैसे मर गया है?
-डॉ.लाल रत्नाकर

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें