मुसलमान का मुल्क यही है
जो पाकिस्तान बता रहे हैं वह मुर्ख हैं
कैसे किसने कहा था बटवारा करो !
बटवारा किसका किसका करोगे ?
किसने इतने बड़े भू भाग को बांटा !
धर्म के नामपर फिर जाती के नाम पर ?
बटवारा क्यों नहीं हुआ ?
जब एक ही जाती के लोग पंचानबे फीसदी
अधिकार हथियाये हुए हैं क्यों ?
यह फैसला कौन करेगा और कब ?
संविधान में लिखा है बराबरी का हक़
किसने रोका है और कब से कब तक !
जो मनुस्मृति की बात कर रहे हैं !
वह जानते हैं उसमे बराबरी नहीं है।
मुर्ख बहुजन समझ नहीं रहे हैं अपना हक़
दलितों के दुश्मन बने हुए हैं !
मुसलमान से नफ़रत करा रहे हैं।
किस मुसलमान ने हड़पा है आपका हक़ ?
मुसलमान को दुश्मन बनाकर !
बहुजनों को गुलाम बनाये रखने की साजिश !
कब समझोगे मुर्ख बहुजन ?
-डॉ लाल रत्नाकर

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें