बुधवार, 20 मई 2026

यह शहर है जहॉ पत्थरों को तराशा है देशभर के नामचीन शिल्पकारों ने!

 

यह शहर है जहॉ पत्थरों को 
तराशा है देशभर के 
नामचीन शिल्पकारों ने!
शायद उन्हें नहीं पता !
की यह बेशक़ीमती हैं 
इस शहर के इतिहास में 
मौलिकता की मिसाल है
एक अदद गौरवशाली 
परंपरा के पाषाण हैं ।
औद्योगिक शहर के 
मस्तक के तिलक हैं
कला के प्रतिमान है
उस युग के निशान हैं 
भव्यता की पहचान हैं 
ज्ञान और विज्ञान के प्रतिमान हैं 
हम सभ्य हैं उसकी पहचान हैं ।
शान्ति समृद्धि नैसर्गिक 
जीवंतता की थाती हैं ।
यह मेरे शहर की अद्भुत शान है
इसकी कल्पना के पीछे 
त्याग और समर्पण का 
संचित संकल्प है ।
यह केवल पत्थर नहीं है !
उसमें से निकलता हुआ 
बौद्धिकता का विन्यास है!
साहित्य संगीत कला का जीवंत 
पहचान है ।

-डॉ लाल रत्नाकर 

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