पहले इंसान
फिर ज्ञान !
फिर रोज़गार
राजनीति
समाजवाद
जनकल्याण
मुक़ाबला
बेईमानों से
संगत
ईमानदार से
हौसला
सच कहने का
काले को
मुँह पर काला कहना
धर्म को धर्म की तरह मानना
अधर्म के ख़िलाफ़ खणा होना
अखंड पाखंड अंधविश्वास
को समझना और समझाना
जब आपका वसूल बन जाए
तब राजनीति में आना
और संविधान लोकतंत्र
सामाजिक न्याय
पर बात करना।
अंदर से पाखंडी
स्वभाव से घमंडी
कैसी राजनीति करोगे
पार्टनर।
- डॉ लाल रत्नाकर

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