बुधवार, 30 सितंबर 2026

आइये यह विचार करें कि भविष्य की राजनीती किस करवट बैठेगी ?


आइये यह विचार करें कि 
भविष्य की राजनीती किस करवट बैठेगी ?
देश को जिस झंझवात में डाल दिया गया है 
उससे निकलना या निकालना कितना संभव है ?
यह तय नहीं हो पा रहा है वर्तमान में ?
यही भारतीय राजनीती का चक्रव्यूह है। 
यह चक्रव्यूह कौन तोड़ेगा प्रश्न यह है ?
आपके लिए, हमारे लिए और उनके लिए !
जो संविधान के साथ हैं और लोकतंत्र बचाना चाहते हैं। 
या वे जो गलतफहमी में है की वह राजा है ?
राजनीति में राजतन्त्र और लोकतंत्र का युद्ध है। 
कोई जरुरी नहीं विपक्ष सत्तापक्ष के खिलाफ हो ?
हो सकता है अपनी सत्ता के इंतज़ार में ?
बहुत सारे समझौते कर रहा हो ?
आइये यह विचार करें कि 
भविष्य की राजनीती किस करवट बैठेगी  

-डॉ लाल रत्नाकर 


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